बेगानी भीड़ में अब्दुलाह दीवाना!! बस यही फील हुआ उस मेरे लास्ट रेविएव के साथ!! जिन्हें मैं दोस्त मानता था वो किसी खेमे के सिपाही निकले ....लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट .....जवानों आगे बढ़ो....सुरदार का हुकुम है की ये हमारी बेईजती है ? मैं कहीं से भी सीरियस नही था और ये सारे लेफ्ट राइट लेफ्ट राइट कितनी सारी बातें ? किसी नो ईस्सू का ईस्सू बन गया!! दिल खट्टा हो गया है !!
वो कहते हैं न दिल उखड जाना!! उखड गया बस !!
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1 comment:
jahan pe faisal kuch nahi kehta wahan pe log hi pehredaar ban jaate hain. kya ye fly wale revu ke baad tha?
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