Tuesday, January 22, 2008

इ है दिल्ली नगरिया तू देख बबुआ, ई है धोखे कि नगरिया तू देख बबुआ,
आज गुड्गावों से आते वक़्त थोडा मूड मे आ गया था, गाड़ी का पैडल दबाया और थोडा सा स्पीड बढाया, वरना दिल्ली मे ४० की स्पीड से कहा गाड़ी तेज़ भागती है, ट्रैफिक के कुत्ते खडे थे हाथों मे ले कर चालान, स्पीड पूछी मैंने अपनी, बताया मुझे ६३, ६० नोर्मल है और मेरा था बस ३ ज्यादा, काट दिया पिंक स्लीप, एक कुत्ते ने कहा इसे मुझे दो इसे मुझे दो जैसे कि मैं कोई आदमी नही, सामान हूँ, उनके डेली रजिस्टर भरने का सामान!! मैंने प्यार से समझाया, अभी कर दो माफ़, कर लेते हैं साइड में हिसाब किताब, उसने कहा, ओह! पहले क्यों नही बताया? अब तो मैंने चालान बना दिया!!
अब २२ फरवरी को जाना है ट्रैफिक कोर्ट, चड्डी में ही जाऊंगा और जज को भी गाली सुनाऊंगा, बुड्ढे तेरे साथ भी ऐसा हो!! तू चालीस पर गाड़ी चलाये और तेरे गाड़ी के सामने आ कर कोई कुत्ता मर जाये, तेरा रेडिएटर फुट जाये, तेरे सामने का ग्रिल टूट जाये !!
ये ले तेरी बख्सिस और मैं जा रह हूँ बस !!

1 comment:

Rohit Sharma said...

LOL
Follow the rules dude.
As you floowed them in Singapore and USA too.